कुछ कहती है मेरी खामोशियाँ

कुछ कहती है मेरी खामोशियाँ 
पर खामोश तो सारे है यहाँ 
खामोश ये ज़मीं 
खामोश सा है क्यूँ आसमाँ 
 
तुम समझ नहीं पाये 
मेरे दिल कि ज़ुबाँ 
सब कुछ कह गई तुमसे 
मेरी आँखे भीगी भीगी 
तुम ढूंढते रहे तब भि 
मतलब मेरे दिल की बातों का 
 
हर दर्द का एहसास जैसे मिटने लगा हो 
हर टीस इस दिल की जैसे सुकून 
खाली खाली सा मेरे दिल का मकान 
जैसे ढहने लगा है 
पथरायी सी आँखे 
और अँधेरे में डूबता ये समां 
 
एहसास है, अलफ़ाज़ नहीं 
गर समझ पाओ तो समझ जाओ 
मतलब मेरे दिल की बातो का 
मतलब मेरी खामोशियो का 
कुछ कहती है मेरी खामोशियाँ 
Source
Share your thoughts with me at dipanwiita@gmail.com
Replies: 7 / Share:

You might also like …

7 thoughts on “कुछ कहती है मेरी खामोशियाँ

Post Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *